उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ab bhala kis se kahunga main fasana dil ka

अब भला किस से कहूँगा मैं फ़साना दिल का

اب بھلا کس سے کہوں گا میں فسانہ دل کا

शायर: Naeem Najmi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अब भला किस से कहूँगा मैं फ़साना दिल का
दोस्तों ने भी मिरा दर्द न जाना दिल का

उस की आँखों का हर इक वार बहुत सच्चा है
ख़ाली जाता भी भला कैसे निशाना दिल का

सुन के आवाज़ तिरी आज अचानक मेरा
हो गया ताज़ा हर इक ज़ख़्म पुराना दिल का

देख कर कैसा उछलता था हसीं चेहरों को
याद है आज भी वो एक ज़माना दिल का

हम कहीं भी रहें बस इतनी हक़ीक़त जानो
है मदीने की फ़ज़ाओं में ठिकाना दिल का

ज़ेहन ने जो भी कहा बस वो किया है 'नजमी'
मैं ने इक बार भी कहना नहीं माना दिल का