उर्दू शायरी · ग़ज़ल

pahle laga ki dur wo jaane lage bahut

पहले लगा कि दूर वो जाने लगे बहुत

پہلے لگا کہ دور وہ جانے لگے بہت

शायर: Danish Albela7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

पहले लगा कि दूर वो जाने लगे बहुत
फिर यूँ हुआ कि याद वो आने लगे बहुत

वीरान दिल में फिर तिरी यादों के क़ाफ़िले
रफ़्तार धड़कनों की बढ़ाने लगे बहुत

ये इंतिशार टुकड़ों में यूँही नहीं हुआ
दर-अस्ल मेरे दिल पे निशाने लगे बहुत

भूला नहीं हूँ आज भी ये और बात है
ये दर्द-ए-दिल भुलाने को शाने लगे बहुत

हम को किसी के संग से दिक़्क़त नहीं हुई
लेकिन तिरे दिए हुए ता'ने लगे बहुत

जब तक थी ज़िंदगी तो रुलाया गया मुझे
आँखें हुईं जो बंद मनाने लगे बहुत

'दानिश' ये कैसा दौर-ए-मोहब्बत है देखिए
महबूब हैं जो दिल को दुखाने लगे बहुत