उर्दू शायरी · ग़ज़ल

pahle ehsas mein utar use

पहले एहसास में उतार उसे

پہلے احساس میں اتار اسے

शायर: Fahmi Badayuni7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

पहले एहसास में उतार उसे
फिर ख़यालात से गुज़ार उसे

कोई अच्छी सी जॉब मिल जाती
हम भी करवाते इंतिज़ार उसे

अपनी नाराज़गी से डरता हूँ
कर तो सकता हूँ बे-क़रार उसे

ख़ुद को क़ैदी समझ रहा था वो
मैं ने होने दिया फ़रार उसे

सब पुराना डिलीट कर देंगे
फिर से लिक्खेंगे एक बार उसे

लौटा देती है वक़्त से पहले
कोई देता नहीं उधार उसे

आज तक उँगलियाँ महकती हैं
छूना चाहा था एक बार उसे