उर्दू शायरी · ग़ज़ल

nind uski suhani banate hue

नींद उस की सुहानी बनाते हुए

نیند اس کی سہانی بناتے ہوئے

शायर: Yaqoob Dil5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

नींद उस की सुहानी बनाते हुए
थक गया ख़्वाब में आते जाते हुए

आज फिर चाँद पकड़ा गया रंगे हाथ
रौशनी जुगनुओं से चुराते हुए

अपने ही घर में रहने को माँगी जगह
माँ ने औलाद से गिड़गिड़ाते हुए

बात करता हूँ भाई से बटवारे की
रोज़ इक थाली में खाना खाते हुए

और फिर दाद भी वो लगा माँगने
शे'र मेरा मुझी को सुनाते हुए