उर्दू शायरी · ग़ज़ल

chhoD kar tujhko phul dekhun main

छोड़ कर तुझ को फूल देखूँ मैं

چھوڑ کر تجھ کو پھول دیکھوں میں

शायर: Yaqoob Dil6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

छोड़ कर तुझ को फूल देखूँ मैं
इतना कम-'अक़्ल भी नहीं हूँ मैं

तेरे जैसे हज़ार निकलेंगे
जेब अपनी अगर उलट दूँ मैं

एक तेरे क़रीब आने से
दूर कितनों से हो गया हूँ मैं

छूट जाएगा खेल हाथों से
कैच तेरा अगर पकड़ लूँ मैं

रेल रुकती नहीं जहाँ कोई
ऐसे इक प्लेटफार्म पर हूँ मैं

देखिए मत इधर उधर साहब
आप ही को बुला रहा हूँ मैं