उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hote sab faisle bhale ke liye

होते सब फ़ैसले भले के लिए

ہوتے سب فیصلے بھلے کے لیے

शायर: Yaqoob Dil7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

होते सब फ़ैसले भले के लिए
हम अगर आते मशवरे के लिए

लोग बैसाखियों पे आए हैं
चाल मेरी सुधारने के लिए

कुंडियाँ बेच दीं किवाड़ों की
एक ताला ख़रीदने के लिए

हम ने पूछा था बस पता तेरा
आ गया गाँव छोड़ने के लिए

करना था फ़ैसला अगर ख़ुद ही
क्यूँ बुलाया था मशवरे के लिए

बज़्म-ए-ख़ूबाँ से उठ के आया हूँ
आप के साथ बैठने के लिए

ख़ुद को करता हूँ बा-वुज़ू पहले
तेरे बारे में सोचने के लिए