उर्दू शायरी · ग़ज़ल

nazar ko aaina dil ko tera shana bana denge

नज़र को आइना दिल को तिरा शाना बना देंगे

نظر کو آئنہ دل کو ترا شانہ بنا دیں گے

शायर: Kaleem Aajiz6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

नज़र को आइना दिल को तिरा शाना बना देंगे
तुझे हम क्या से क्या ऐ ज़ुल्फ़-ए-जानाना बना देंगे

हमीं अच्छा है बन जाएँ सरापा सरगुज़िश्त अपनी
नहीं तो लोग जो चाहेंगे अफ़्साना बना देंगे

उमीद ऐसी न थी महफ़िल के अर्बाब-ए-बसीरत से
गुनाह-ए-शम्अ को भी जुर्म-ए-परवाना बना देंगे

हमें तो फ़िक्र दिल-साज़ी की है दिल है तो दुनिया है
सनम पहले बना दें फिर सनम-ख़ाना बना देंगे

न इतना छेड़ कर ऐ वक़्त दीवाना बना हम को
हुए दीवाने हम तो सब को दीवाना बना देंगे

न जाने कितने दिल बन जाएँगे इक दिल के टुकड़े से
वो तोड़ें आइना हम आइना-ख़ाना बना देंगे