उर्दू शायरी · ग़ज़ल

nasazi-e-haalat ne dil toD diya hai

नासाज़ी-ए-हालात ने दिल तोड़ दिया है

ناسازیٔ حالات نے دل توڑ دیا ہے

शायर: Pandit Vidya Ratan Aasi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

नासाज़ी-ए-हालात ने दिल तोड़ दिया है
दुनिया की हर इक बात ने दिल तोड़ दिया है

कुछ साक़ी-ए-महफ़िल भी रहा रिंदों से बरहम
कुछ शिद्दत-ए-आफ़ात ने दिल तोड़ दिया है

आग़ाज़-ए-मुलाक़ात में क्या जोश था दिल में
अंजाम-ए-मुलाक़ात ने दिल तोड़ दिया है

बेहाल-ओ-परेशाँ है बशर रोज़-ए-अज़ल से
फ़र्सूदा रिवायात ने दिल तोड़ दिया है

अपनों की इनायात का हम ज़िक्र करें क्या
अपनों की इनायात ने दिल तोड़ दिया है

कल आप की हर बात से तस्कीन मिली थी
आज आप की हर बात ने दिल तोड़ दिया है

हम तिश्ना-दहन बैठे हैं मयख़ाने मैं 'आसी'
उमड़ी हुई बरसात ने दिल तोड़ दिया है