उर्दू शायरी · ग़ज़ल

miTaen sabr dil se sabr ki talqin farmaen

मिटाएँ सब्र दिल से सब्र की तल्क़ीन फ़रमाएँ

مٹائیں صبر دل سے صبر کی تلقین فرمائیں

शायर: Zaheen Shah Taji5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मिटाएँ सब्र दिल से सब्र की तल्क़ीन फ़रमाएँ
सुकून-ए-दिल वही छीनें वही तस्कीन फ़रमाएँ

मोहब्बत में ज़बूँ-हाली की वो तज़ईन फ़रमाएँ
वो ग़म दें ज़ब्त-ए-ग़म की दाद दें तहसीन फ़रमाएँ

मजाज़-ए-‘इश्क़ की दुश्वारियाँ शायद हक़ीक़ी हैं
वो सुन सुन कर दु'आएँ वर्ना क्यूँ आमीन फ़रमाएँ

सुकून-ए-हुस्न जाने इज़्तिरार-ए-'इश्क़ क्या शय है
तलव्वुन क्या है उस को साहिब-ए-तम्कीन फ़रमाएँ

'ज़हीन' इस में ख़ुद उन के हुस्न-ए-कामिल की इहानत है
भला वो और मेरे 'इश्क़ की तौहीन फ़रमाएँ