उर्दू शायरी · ग़ज़ल

meri masti ke afsane rahenge

मिरी मस्ती के अफ़्साने रहेंगे

مری مستی کے افسانے رہیں گے

शायर: Kaleem Aajiz6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मिरी मस्ती के अफ़्साने रहेंगे
जहाँ गर्दिश में पैमाने रहेंगे

निकाले जाएँगे अहल-ए-मोहब्बत
अब इस महफ़िल में बेगाने रहेंगे

यही अंदाज़-ए-मय-नोशी रहेगा
तो ये शीशे न पैमाने रहेंगे

रहेगा सिलसिला दार-ओ-रसन का
जहाँ दो चार दीवाने रहेंगे

जिन्हें गुलशन में ठुकराया गया है
उन्ही फूलों के अफ़्साने रहेंगे

ख़िरद ज़ंजीर पहनाती रहेगी
जो दीवाने हैं दीवाने रहेंगे