उर्दू शायरी · ग़ज़ल

meri hayat ko yun paemal usne kiya

मिरी हयात को यूँ पाएमाल उस ने किया

مری حیات کو یوں پائمال اس نے کیا

शायर: Umair Ali Anjum6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मिरी हयात को यूँ पाएमाल उस ने किया
कि मेरा दर्द से रिश्ता बहाल उस ने किया

वो बेवफ़ाई को कार-ए-कमाल कहता था
फिर एक रोज़ ये कार-ए-कमाल उस ने किया

शिकार-ए-हिज्र मुझे कर गया वो इक पल में
कि मेरी ज़ीस्त के पल-पल को साल उस ने किया

जवाब कोई भी जब बन नहीं सका उस से
मिरे सवाल पे उल्टा सवाल उस ने किया

छुरी को तेज़ बहुत तेज़ कर के लाया वो
'अजीब ढंग से मेरा ख़याल उस ने किया

'उमैर' उस से फ़रावानियाँ जो माँगीं तो
जुदाइयों से मुझे माला-माल उस ने किया