उर्दू शायरी · ग़ज़ल

meri duniya-e-dil zer-o-zabar hai

मिरी दुनिया-ए-दिल ज़ेर-ओ-ज़बर है

مری دنیائے دل زیر و زبر ہے

शायर: Pandit Vidya Ratan Aasi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मिरी दुनिया-ए-दिल ज़ेर-ओ-ज़बर है
मोहब्बत की नज़र भी क्या नज़र है

हमारा बख़्त भी क्या औज पर है
मिज़ाज-ए-दुश्मनी ज़ेर-ओ-ज़बर है

सहर तक ख़ाक भी बाक़ी न होगी
ये बज़्म-ए-माह-ओ-अंजुम रात भर है

मिरी माने तो माने क्या मिरा दिल
ये काफ़िर आप के ज़ेर-ए-असर है

अमीर-ए-शहर को इस से ग़रज़ क्या
फ़क़ीर-ए-शहर कब से दर-ब-दर है

हमारा दिल जिसे कहती है दुनिया
अगर पूछो वो 'आसी' ही का घर है