उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mera kumba bulaya ja chuka tha

मिरा कुम्बा बुलाया जा चुका था

مرا کنبہ بلایا جا چکا تھا

शायर: Zafar Awan7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मिरा कुम्बा बुलाया जा चुका था
मिरा मातम मनाया जा चुका था

कहा मंसूर को था पीर मैं ने
मुझे सूली चढ़ाया जा चुका था

हवाले क़ब्र के करने से पहले
मिरा पुतला जलाया जा चुका था

लगा कर टैग हम पर मस्लकों का
हमें हम से लड़ाया जा चुका था

हमारी बस्तियों को डूबना था
समुंदर को हिलाया जा चुका था

नहीं मैं इब्न-ए-मरियम जैसा लेकिन
मुझे ज़िंदा उठाया जा चुका था

'ज़फ़र' जिस को था मेरे साथ मरना
उसे अमृत पिलाया जा चुका था