उर्दू शायरी · ग़ज़ल

meri baaton mein chhupe sare mani samjhe

मेरी बातों में छुपे सारे मा'नी समझे

میری باتوں میں چھپے سارے معنی سمجھے

शायर: Madhavi Shankar4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मेरी बातों में छुपे सारे मा'नी समझे
कोई तो हो जो मुझे मेरी ज़बानी समझे

तुम से उम्मीद थी समझोगे मिरा दर्द-ए-सुख़न
क्या कहें तुम भी इसे जादू-बयानी समझे

पहले किरदार का समझा है तिरे हर पहलू
और फिर उस से जुड़ी सारी कहानी समझे

एक वो है जो मिरी जान बुलाता है मुझे
एक तुम हो जो उसे दुश्मन-ए-जानी समझे