उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mera kitna KHayal karte ho

मेरा कितना ख़याल करते हो

میرا کتنا خیال کرتے ہو

शायर: SabeenSaif7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मेरा कितना ख़याल करते हो
साँस लेना मुहाल करते हो

हो वहाँ भी जहाँ नहीं मौजूद
तुम ये कैसा कमाल करते हो

इश्क़ में हिज्र-ओ-वस्ल बे-मा'नी
किस लिए तुम मलाल करते हो

जानते हो कि हम तुम्हारे हैं
फिर भी दिल पाएमाल करते हो

हम ने देखा है इक ज़माने को
ज़िंदगी क्यूँ वबाल करते हो

मेरे इख़्लास का करिश्मा है
जिस्म-ओ-जाँ को निहाल करते हो

कौन क्या है ये जानती हूँ 'सबीन'
उस से तुम क्या सवाल करते हो