उर्दू शायरी · ग़ज़ल

masail sab usi ne hal kiye hain

मसाइल सब उसी ने हल किए हैं

مسائل سب اسی نے حل کئے ہیں

शायर: Madhavi Shankar4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मसाइल सब उसी ने हल किए हैं
हमें जिस शख़्स से शिकवे बड़े हैं

मसीहा मान बैठा है वो ख़ुद को
उसे कुछ ज़ख़्म क्या दिखला दिए हैं

क़दम फिर वुसअत-ए-ज़ंजीर पा कर
उसी जानिब मचल कर चल पड़े हैं

यहाँ मत कीजिए माज़ी की बातें
यहाँ कुछ लोग मुझ को जानते हैं