उर्दू शायरी · ग़ज़ल

main ek pahaDi tale daba hun kise KHabar hai

मैं इक पहाड़ी तले दबा हूँ किसे ख़बर है

میں اک پہاڑی تلے دبا ہوں کسے خبر ہے

शायर: Rafiq Sandelvi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मैं इक पहाड़ी तले दबा हूँ किसे ख़बर है
बड़ी अज़िय्यत में मुब्तिला हूँ किसे ख़बर है

किसे ख़बर है कि मेरा हर अक्स गुम हुआ है
मैं एक ख़मदार आईना हूँ किसे ख़बर है

किसी को क्या इल्म है कि मैं किस मदार में हूँ
मैं एक बे-अंत फ़ासला हूँ किसे ख़बर है

अजब शब-ओ-रोज़ का तसादुम हुआ है मुझ में
मैं इक सितारा हूँ या हवा हूँ किसे ख़बर है

अजीब बे-रंग धुँद मुझ में है ईस्तादा
मैं वस्त-ए-शब में कहीं खड़ा हूँ किसे ख़बर है