उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mahw hai husn ki adaon mein

महव है हुस्न की अदाओं में

محو ہے حسن کی اداؤں میں

शायर: Parkash Nath Parvez6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

महव है हुस्न की अदाओं में
इश्क़ रहता है किन हवाओं में

मय-कशी क्या ख़ता ख़ताओं में
जा पड़ी बात पारसाओं में

बार-ए-एहसाँ बढ़ा दिया मुझ पर
और क्या है तिरी अताओं में

स्रोत में दोहराई गई पंक्तिऔर क्या है तिरी अताओं में

नफ़रतों का ग़ुबार देखोगे
हुस्न-ए-इख़्लास की रिदाओं में

गुम न हो जाएँ वलवले दिल के
ज़ीस्त के पुर-ख़तर ख़लाओं में

रक़्स करती है तीरगी 'परवेज़'
दिल-ए-बर्बाद की फ़ज़ाओं में