उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil mein ek dard nihan ho to ghazal hoti hai

दिल में इक दर्द निहाँ हो तो ग़ज़ल होती है

دل میں اک درد نہاں ہو تو غزل ہوتی ہے

शायर: Parkash Nath Parvez5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल में इक दर्द निहाँ हो तो ग़ज़ल होती है
सैल-ए-जज़्बात रवाँ हो तो ग़ज़ल होती है

ग़म का एहसास जवाँ हो तो ग़ज़ल होती है
इश्क़ माइल ब फ़ुग़ाँ हो तो ग़ज़ल होती है

उन पे जब अपना गुमाँ हो तो निखरता है शुऊर
ख़ुद पे जब उन का गुमाँ हो तो ग़ज़ल होती है

मेरे दिल में जो निहाँ है वो ग़म-ए-बे-पायाँ
तेरी आँखों से अयाँ हो तो ग़ज़ल होती है

शब-ए-फ़ुर्क़त में सुलगते हुए अश्कों के तुफ़ैल
ज़िंदगी शो'ला-ब-जाँ हो तो ग़ज़ल होती है