उर्दू शायरी · ग़ज़ल

lutf kya aaega sharafat mein

लुत्फ़ क्या आएगा शराफ़त में

لطف کیا آئے گا شرافت میں

शायर: Onkar Singh Vivek6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

लुत्फ़ क्या आएगा शराफ़त में
आप अब आ गए सियासत में

थी जो मसरूफ़ियत हमें थोड़ी
आप भी कब थे यार फ़ुर्सत में

फिर से तारीख़ मिल गई अगली
आज भी ये हुआ 'अदालत में

आप पूछें न तो ही बेहतर है
कितने धोके मिले शराफ़त में

हो गई मौत सुनते हैं कल भी
एक मा'सूम की हिरासत में

हो गया गुफ़्तुगू से अंदाज़ा
कौन रहता है कैसी सोहबत में