उर्दू शायरी · ग़ज़ल

la pila de saqiya paimana paimane ke baad

ला पिला दे साक़िया पैमाना पैमाने के बा'द

لا پلا دے ساقیا پیمانہ پیمانے کے بعد

शायर: श्रेय पुष्ट नहीं4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ला पिला दे साक़िया पैमाना पैमाने के बा'द
बात मतलब की करूँगा होश आ जाने के बा'द

जो जलाता है किसी को ख़ुद भी जलता है ज़रूर
शम्अ' भी जलती रही परवाना जल जाने के बा'द

दिल मिरा लेने की ख़ातिर मिन्नतें क्या क्या न कीं
कैसे नज़रें फेर लीं मतलब निकल जाने के बा'द

उठ चलो बस ए ज़फ़र इस महफ़िल-ए-अग़्यार से
वर्ना पीनी ही पड़ेगी दौर चल जाने के बा'द