उर्दू शायरी · ग़ज़ल

gulab aankhen sharab aankhen

गुलाब आँखें शराब आँखें

گلاب آنکھیں شراب آنکھیں

शायर: श्रेय पुष्ट नहीं6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

गुलाब आँखें शराब आँखें
यही तो हैं ला-जवाब आँखें

इन्हीं में उल्फ़त इन्हीं में नफ़रत
सवाल आँखें जवाब आँखें

कभी नज़र में बला की शोख़ी
कभी सरापा हिजाब आँखें

कभी छुपाती हैं हाल दिल के
कभी हैं दिल की किताब आँखें

किसी ने देखीं तो झील जैसी
किसी ने पाईं शराब आँखें

वो आए तो लोग मुझ से बोले
हुज़ूर आँखें जनाब आँखें