उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kya husn hai yusuf bhi KHaridar hai tera

क्या हुस्न है यूसुफ़ भी ख़रीदार है तेरा

کیا حسن ہے یوسف بھی خریدار ہے تیرا

शायर: Chandar Bhan Kaifi Dehelvi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

क्या हुस्न है यूसुफ़ भी ख़रीदार है तेरा
कहते हैं जिसे मिस्र वो बाज़ार है तेरा

तक़दीर उसी की है नसीबा है इसी का
जिस आँख से कुछ वा'दा-ए-दीदार है तेरा

ता-ज़ीस्त न टूटे वो मिरा अहद-ए-वफ़ा है
ता-हश्र न पूरा हो वो इक़रार है तेरा

बर्छी की तरह दिल में खटकती हैं अदाएँ
अंदाज़ जो क़ातिल दम-ए-रफ़्तार है तेरा

क्या तू ने खिलाए चमन बज़्म में 'कैफ़ी'
क्या रंग-ए-गुल अफ़शाई-ए-गुफ़्तार है तेरा