उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kuchh is tarah dil se ishq us ka nikalna hai

कुछ इस तरह दिल से इश्क़ उस का निकालना है

کچھ اس طرح دل سے عشق اس کا نکالنا ہے

शायर: Charagh Sharma5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कुछ इस तरह दिल से इश्क़ उस का निकालना है
बग़ैर गुल्लक को तोड़े सिक्का निकालना है

मैं जानता हूँ मोहब्बतों का मक़ाम-ए-आख़िर
सो उस के कमरे से मुझ को पंखा निकालना है

निकाल फेंकी घड़ी कलाई से उस की दी हुई
अब अपने ख़ातिर इक-आध घंटा निकालना है

ज़मीन खोदें जिन्हें बनानी हैं क़ब्र-गाहें
ज़मीन जोतें जिन्हें ख़ज़ाना निकालना है

निकाल लाया जो मुझ को लहरों की साज़िशों से
मुझे समुंदर से अब वो तिनका निकालना है