उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hamara ishq bhi yarane ki kagar pe tha

हमारा इश्क़ भी याराने की कगार पे था

ہمارا عشق بھی یارانے کی کگار پہ تھا

शायर: Charagh Sharma3 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हमारा इश्क़ भी याराने की कगार पे था
जब उस ने प्यार कहा था ज़ोर यार पे था

मैं रोज़गार-ए-मोहब्बत में कम पगार पे था
और इतनी कम कि ग़ज़ल का गुज़र उधार पे था

हुआ था क़त्ल कल उस के किसी दिवाने का
ख़ुदा का शुक्र कि इल्ज़ाम ख़ाकसार पे था