उर्दू शायरी · ग़ज़ल

KHushk dariyaon ko pani de KHuda

ख़ुश्क दरियाओं को पानी दे ख़ुदा

خشک دریاؤں کو پانی دے خدا

शायर: Obaid Siddiqi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ख़ुश्क दरियाओं को पानी दे ख़ुदा
बादबानों को रवानी दे ख़ुदा

बे-समाअत कर दे सारे शहर को
या मुझे फिर बे-ज़बानी दे ख़ुदा

कब तलक बे-मोजज़ा हो कर जियूँ
कोई तो अपनी निशानी दे ख़ुदा

छूट जाऊँ वुसअतों की क़ैद से
वहशतों को ला-मकानी दे ख़ुदा

सैकड़ों हम-ज़ाद हैं मेरे यहाँ
मुझ को लेकिन मेरा सानी दे ख़ुदा