उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aisi tan-asani se

ऐसी तन-आसानी से

ایسی تن آسانی سے

शायर: Obaid Siddiqi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ऐसी तन-आसानी से
बाज़ आ जा नादानी से

जीना मुश्किल होता है
इतनी नुक्ता-दानी से

सहरा भी शरमाता है
इस दिल की वीरानी से

लाज कहाँ तक आएगी
ख़्वाबों की उर्यानी से

प्यास नहीं बुझ पाती है
दरिया की दरबानी से

पीछा कौन छुड़ा पाया
इस दुनिया-दीवानी से