उर्दू शायरी · ग़ज़ल

KHushbuon mein utar rahe hain hum

ख़ुशबुओं में उतर रहे हैं हम

خوشبوؤں میں اتر رہے ہیں ہم (ردیف .. ن)

शायर: Kaleem Noori Firozabadi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ख़ुशबुओं में उतर रहे हैं हम
तुम को महसूस कर रहे हैं हम

हम से लफ़्ज़ों ने ज़िंदगी पाई
और क़िस्तों में मर रहे हैं हम

खो न जाए कहीं वजूद अपना
रेज़ा रेज़ा बिखर रहे हैं हम

तुम को आबाद देखने के लिए
ख़ुद को बर्बाद कर रहे हैं हम

तेरी नज़रों से गिर के ऐसा लगा
आसमाँ से उतर रहे हैं हम

दीद उन की नसीब हो जाए
रब से फ़रियाद कर रहे हैं