उर्दू शायरी · ग़ज़ल

is tarah se na roliye aansu

इस तरह से न रोलिए आँसू

اس طرح سے نہ رولیے آنسو

शायर: Kaleem Noori Firozabadi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इस तरह से न रोलिए आँसू
क़हक़हों में भी घोलिए आँसू

हम ने दिल की ज़मीं के बदले में
अपनी आँखों में बो लिए आँसू

दे के फिर कोई ग़म जगा दीजे
सो लिए ख़ूब सो लिए आँसू

मेरी आँखों में ढूँढिए न उन्हें
अपने दिल में टटोलिए आँसू

जब ख़याल आया कोई देख न ले
आस्तीं में समो लिए आँसू

तन्हा देखा जो राह-ए-उल्फ़त में
मेरे हमराह हो लिए आँसू

हो गए और मोहतरम ऐ 'कलीम'
आब-ए-ज़म-ज़म से धो लिए आँसू