उर्दू शायरी · ग़ज़ल

KHuda ko bhulna aasan hai

ख़ुदा को भूलना आसान है

خدا کو بھولنا آسان ہے

शायर: Fahmi Badayuni6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ख़ुदा को भूलना आसान है
हमारा मसअला इंसान है

बता दो अपने दिल से पूछ कर
मिरे जीने का क्या इम्कान है

यहाँ तो कृष्ण भी हैं कंस भी
हमारा 'इश्क़ हिंदुस्तान है

ज़रूरत ही नहीं है नाम की
तिरी ख़ुश्बू मिरी पहचान है

इधर भी फेंकिए ख़ंजर कोई
हमारे जिस्म में भी जान है

सितारों पर क़नाअ'त कीजिए
हमारी छत बहुत वीरान है