उर्दू शायरी · ग़ज़ल

KHuda-gawah ki be-dagh aaina main hun

ख़ुदा-गवाह कि बे-दाग़ आइना मैं हूँ

خدا گواہ کہ بے داغ آئنہ میں ہوں

शायर: Tahseen Moradabadi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ख़ुदा-गवाह कि बे-दाग़ आइना मैं हूँ
किसी को 'इल्म नहीं हर्फ़-ए-इल्तिजा मैं हूँ

क़दम क़दम पे दिया इम्तिहाँ वफ़ाओं का
जो गर्दिशों से न हारा वो हौसला मैं हूँ

सिमट के आ गए कौनैन भी ब-फ़ैज़-ए-अलम
ग़म-ए-हयात का रंगीन दायरा मैं हूँ

ज़माना कुछ भी कहे ग़म नहीं ज़रा मुझ को
निगाह-ए-हुस्न में ये सच है बा-वफ़ा मैं हूँ

दिल-ए-हज़ीं की बदौलत हैं लज़्ज़तें हासिल
बहार-ए-‘इश्क़ की दुनिया में खेलता मैं हूँ

तसव्वुरात ने 'तहसीन' ज़िंदगी बख़्शी
ये कौन जाने कि यादों का सिलसिला मैं हूँ