उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kaun kahta hai ki is bazm se sarkar gae

कौन कहता है कि इस बज़्म से सरकार गए

کون کہتا ہے کہ اس بزم سے سرکار گئے

शायर: Zaheen Shah Taji6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कौन कहता है कि इस बज़्म से सरकार गए
अब तो सरकार ही सरकार हैं अग़्यार गए

आफ़त-ए-जाँ कोई बे-पर्दा-ए-आब-ओ-गिल है
मरने वाले न मरे आह हमें मार गए

वो जिन्हें होश हो जानें वही आना-जाना
हम तो हुशियार न आए थे न हुशियार गए

आप की बज़्म में देखा ये निराला दस्तूर
लाए पिंदार वो लेकर वही पिंदार गए

अब न हम अपने न दुनिया की कोई शय अपनी
एक ही दाव में जो कुछ था वो सब हार गए

क्या ख़बर है किसी आसूदा-ए-साहिल को 'ज़हीन'
उन में हम डूब गए दूर गए हार गए