उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kaisi tartib se kaghaz pe gire hain aansu

कैसी तरतीब से काग़ज़ पे गिरे हैं आँसू

کیسی ترتیب سے کاغذ پہ گرے ہیں آنسو (ردیف .. ے)

शायर: श्रेय पुष्ट नहीं1 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कैसी तरतीब से काग़ज़ पे गिरे हैं आँसू
एक भूली हुई तस्वीर उभर आई है