उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jo chuze aashiyane mein mare hain

जो चूज़े आशियाने में मरे हैं

جو چوزے آشیانے میں مرے ہیں

शायर: Fahmi Badayuni5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जो चूज़े आशियाने में मरे हैं
वो चिड़िया के न आने में मरे हैं

हमारी क़ब्र पर तहरीर कर दो
कि हम ख़ुद को जिलाने में मरे हैं

तुम्हारी राह के ज़हरीले कीड़े
हमारे आने-जाने में मरे हैं

शिकारी रात में आया था या'नी
परिंदे चहचहाने में मरे हैं

बड़े चमकीले थे मोहरे हमारे
मगर सब काले ख़ाने में मरे हैं