उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jo banega wahi banana hai

जो बनेगा वही बनाना है

جو بنے گا وہی بنانا ہے

शायर: Fahmi Badayuni7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जो बनेगा वही बनाना है
क्या करें चाक उसे घुमाना है

यह मिरा घर है वो ज़माना है
अब बताओ किधर को जाना है

फूल कॉलर पे बस लगाना है
कितना आसान मुस्कुराना है

झूलती है कमान पर चिड़िया
और तरकश में आशियाना है

पड़ गई है ज़बान उलझन में
जो छुपाना है वो बताना है

हम जहाँ हैं वहीं पे मिलते हैं
जो पता है वही ठिकाना है

मैं ने पत्थर तो कर लिया ख़ुद को
अब तिरी राह से हटाना है