उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jalwa-faroz dil mein hai wo gul-ezar aaj

जल्वा-फरोज़ दिल में है वो गुल-एज़ार आज

جلوہ فروز دل میں ہے وہ گلعذار آج

शायर: Qaisar Haideri Dehlvi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जल्वा-फरोज़ दिल में है वो गुल-एज़ार आज
उफ़ रे ख़िज़ाँ-रसीदा चमन की बहार आज

दोनों को हर तरफ़ है तिरा इंतिज़ार आज
दिल को क़रार है न नज़र को क़रार आज

देखें तो चूम लें दम-ए-आराइश आईना
उन को भी अपनी शक्ल पे आ जाए प्यार आज

लो इंतिहा-ए-शौक़ ने दीवाना कर दिया
मैं हँस रहा हूँ सुब्ह से बे-इख़्तियार आज

दिल महव-ए-इज़्तिराब तो लब सिर्फ़ वाह वा
कितने मज़े की है ख़लिश-ए-इंतिज़ार आज