उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jalwa-e-husn se hai surat-e-auqat nai

जल्वा-ए-हुस्न से है सूरत-ए-औक़ात नई

جلوۂ حسن سے ہے صورت اوقات نئی

शायर: Charkh Chinioti5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जल्वा-ए-हुस्न से है सूरत-ए-औक़ात नई
दिन नया सुब्ह नई शाम नई रात नई

इन बदलते हुए हालात का मातम कैसा
हर नए दौर में बनती हैं रिवायात नई

हर मुलाक़ात का अंदाज़ नया होता है
जो भी होती है वो होती है मुलाक़ात नई

नया-पन हुस्न को विर्से में मिला हो जैसे
हर अदा उस की नई वज़्अ नई बात नई

चाँद-तारों में नया नूर उमड आता है
'चर्ख़' वो आते हैं आती है नज़र रात नई