उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jab koi achchha kaam karta hun

जब कोई अच्छा काम करता हूँ

جب کوئی اچھا کام کرتا ہوں

शायर: Chetan Panchal4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जब कोई अच्छा काम करता हूँ
माँ को पहले सलाम करता हूँ

तू अगरचे न कर मिरी तौक़ीर
मैं तिरा एहतिराम करता हूँ

मुझ को भी ख़ूब चैन मिलता है
मैं भी औरों के काम करता हूँ

हिन्द में सैंकड़ों मज़ाहिब हैं
सब का मैं एहतिराम करता हूँ