उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ibaadat ki farawani ghazal hai

'इबादत की फ़रावानी ग़ज़ल है

عبادت کی فراوانی غزل ہے

शायर: Chetan Panchal5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

'इबादत की फ़रावानी ग़ज़ल है
मोहब्बत एक रूहानी ग़ज़ल है

हैं इस की मिलकियत में सैकड़ों रंग
कहीं नीली कहीं धानी ग़ज़ल है

ये लफ़्ज़ों की नुमाइश नस्र है गर
तो एहसासों की तुग़्यानी ग़ज़ल है

तो फिर काग़ज़ के चेहरे पर ये क्या है
अगर मिट्टी हवा पानी ग़ज़ल है

तपस्या की है सदियों तक सुख़न की
तभी 'चेतन' ने पहचानी ग़ज़ल है