उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ishq mein ab KHun pani kijiye

इश्क़ में अब ख़ून पानी कीजिए

عشق میں اب خون پانی کیجیے

शायर: Aamir Ata7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इश्क़ में अब ख़ून पानी कीजिए
नज़्र-ए-वहशत ये जवानी कीजिए

आप के हाथों में है साँसों की डोर
जितनी चाहे खींचा-तानी कीजिए

इल्तिजा कर के न शर्मिंदा करें
हुक्मराँ हैं हुक्मरानी कीजिए

मिल रहे हैं हम पुराने मोड़ पर
आप फिर बातें पुरानी कीजिए

मैं बहुत मुश्किल से मिलता हूँ हुज़ूर
मिल गया हूँ मेज़बानी कीजिए

मेरा तो है लब-कुशा होना गुनाह
आप ही जादू-बयानी कीजिए

ज़िक्र कीजे अब 'अता' के शे'र का
ख़त्म 'आमिर' की कहानी कीजिए