उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ishq mein aabru KHarab hui

इश्क़ में आबरू ख़राब हुई

عشق میں آبرو خراب ہوئی

शायर: Davarka Das Shola3 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इश्क़ में आबरू ख़राब हुई
ज़िंदगी सर-ब-सर अज़ाब हुई

मेरे महबूब तेरी ख़ामोशी
मेरी हर बात का जवाब हुई

थी न आसूदगी मुक़द्दर में
मेहरबानी तो बे-हिसाब हुई