उर्दू शायरी · ग़ज़ल

is zindagi ne baKHshe jo tohfe ajib hain

इस ज़िंदगी ने बख़्शे जो तोहफ़े अजीब हैं

اس زندگی نے بخشے جو تحفے عجیب ہیں

शायर: Gauhar Seema5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इस ज़िंदगी ने बख़्शे जो तोहफ़े अजीब हैं
पगडंडियाँ हैं दूर तक रस्ते अजीब हैं

अब खो चुके ख़ुलूस-ओ-मोहब्बत जहान से
चाहत वफ़ा से दूर हैं रिश्ते अजीब हैं

समझे नहीं ख़ुदारा अजब तेरा फ़ल्सफ़ा
ख़ुश-रंग दिख रहे क्यूँ वो होते अजीब हैं

समझे भी कोई कैसे बताओ उसे ज़रा
इस ज़िंदगी के कितने ही चेहरे अजीब हैं

रिश्तों की कितनी उलझी हैं ज़ंजीर पाँव में
हर हर क़दम पे लगते ये पहरे अजीब हैं