उर्दू शायरी · ग़ज़ल

is waste logon ko sunai nahin dete

इस वास्ते लोगों को सुनाई नहीं देते

اس واسطے لوگوں کو سنائی نہیں دیتے

शायर: Iftikhar Haidar5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इस वास्ते लोगों को सुनाई नहीं देते
हम आह तो भरते हैं दुहाई नहीं देते

कुछ दर्द हैं ऐसे कि जो चेहरे से अयाँ हैं
कुछ ज़ख़्म हैं ऐसे जो दिखाई नहीं देते

वो रास्ते जचते ही नहीं अहल-ए-दिलाँ को
वो रास्ते जो आबला-पाई नहीं देते

यादों की है इक बज़्म सजी ख़ाना-ए-दिल में
इस बज़्म में ग़ैरों को रसाई नहीं देते

हम लोग त’अल्लुक़ में बहुत साफ़ हैं लेकिन
हम लोग त’अल्लुक़ की सफ़ाई नहीं देते