उर्दू शायरी · ग़ज़ल

donon aankhon mein bhar liya jae

दोनों आँखों में भर लिया जाए

دونوں آنکھوں میں بھر لیا جائے

शायर: Iftikhar Haidar6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दोनों आँखों में भर लिया जाए
हुस्न महफ़ूज़ कर लिया जाए

ज़िंदगी से कलाम करने को
इज़्न-ए-नूर-ए-सहर लिया जाए

हम से पादाश में मोहब्बत की
जान ली जाए सर लिया जाए

बे-ख़ता है तो फिर भी डर ऐ दोस्त
बे-ख़ता ही न धर लिया जाए

शहर-ए-उम्मीद कितना दिलकश है
आओ कुछ दिन ठहर लिया जाए

कैसा सरसब्ज़ है तुम्हारा साथ
इस को तस्वीर कर लिया जाए