उर्दू शायरी · ग़ज़ल

is tarah pi ke wo sharab chale

इस तरह पी के वो शराब चले

اس طرح پی کے وہ شراب چلے

शायर: Bal Mukund Besabr4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इस तरह पी के वो शराब चले
जोश में अपने जैसे आब चले

यूँ वो पर्दे में फिरते चलते हैं
जैसे बदली में आफ़्ताब चले

उस के कूचे में होने को काफ़िर
आज जाते हैं शैख़-ओ-शबाब चले

इस तरह सब्र दिल में आता है
चोर जूँ पाँव दाब दाब चले