उर्दू शायरी · ग़ज़ल

is liye mera ghonsla nahin tha

इस लिए मेरा घोंसला नहीं था

اس لیے میرا گھونسلہ نہیں تھا

शायर: Obaidullah Abdi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इस लिए मेरा घोंसला नहीं था
कि दरख़्तों से राब्ता नहीं था

बीच रस्ते में छोड़ने वाले
मुझ को मंज़िल का कुछ पता नहीं था

मेरी तनख़्वाह-ए-ज़िंदगी में सभी
सिर्फ़ आहें थीं क़हक़हा नहीं था

ये बिछड़ने की वजह थी उस के
देने को कोई वास्ता नहीं था

पहले पहले सभी मुख़ालिफ़ थे
क्यूँकि तन्हा था क़ाफ़िला नहीं था

रब की जानिब मैं लौटा तो 'अबदी'
सिर्फ़ शिकवे थे शुक्रिया नहीं था