उर्दू शायरी · ग़ज़ल

apne hathon se mujhe jam pilate jaana

अपने हाथों से मुझे जाम पिलाते जाना

اپنے ہاتھوں سے مجھے جام پلاتے جانا

शायर: Obaidullah Abdi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अपने हाथों से मुझे जाम पिलाते जाना
सारे दुख दर्द को कुछ देर मिटाते जाना

इस ज़माने को दिखाने के लिए तुम रस्मन
जाते जाते सही चंद आँसू बहाते जाना

रात उठ उठ के जो मैसेज किया करते थे हम
कंपनी वाले समझ कर वो मिटाते जाना

किस तरह 'आदी बना कर किसी को छोड़ते हैं
तोहमतें चालें वो सब मुझ को सिखाते जाना