उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hath uske hain aur dua main hun

हाथ उस के हैं और दु'आ मैं हूँ

ہاتھ اس کے ہیں اور دعا میں ہوں

शायर: Fahmi Badayuni8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हाथ उस के हैं और दु'आ मैं हूँ
ये नहीं कह रहा ख़ुदा मैं हूँ

अच्छा तो रात तुम थे पहलू में
मैं ने समझा कि दूसरा मैं हूँ

कोई रहबर हो कोई रहज़न हो
क़ाफ़िला वो है रास्ता मैं हूँ

कारोबार-ए-सुकून जारी है
छीनता वो है माँगता मैं हूँ

सारे दरिया उसी की जानिब हैं
तैरता वो है डूबता मैं हूँ

भीड़ लग जाती है मरीज़ों की
चारागर वो है और दवा मैं हूँ

तार ऐसे जुड़े हैं आँखों के
सोचता वो है बोलता मैं हूँ

छप रही है अभी किताब-ए-दिल
सर-वरक़ वो है हाशिया मैं हूँ