उर्दू शायरी · ग़ज़ल

gulshan suraj chand sitare

गुलशन सूरज चाँद सितारे

گلشن سورج چاند ستارے

शायर: Fahmi Badayuni7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

गुलशन सूरज चाँद सितारे
पढ़ता हूँ अख़बार तुम्हारे

ऐसे किए कुछ उस ने इशारे
ज़ेहन के हो गए वारे न्यारे

भारी हैं संदूक़ हमारे
कौन हमें उस पार उतारे

मर न सके चौखट पर उस की
फिरते रहो अब मारे-मारे

जीत गई हैं उस की परियाँ
हार गए जिन्नात हमारे

जूझ रहा हूँ मैं लहरों से
नाव बंधी है नदी किनारे

गुल ही नहीं उस की बगिया के
काँटे भी लगते हैं प्यारे