उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ghairon ne kiye hain jo karam yaad karenge

ग़ैरों ने किए हैं जो करम याद करेंगे

غیروں نے کیے ہیں جو کرم یاد کریں گے

शायर: Faisal Qadri Gunnauri7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ग़ैरों ने किए हैं जो करम याद करेंगे
रह रह के फिर अपनों के सितम याद करेंगे

जो 'इश्क़ में खाई थी क़सम याद करेंगे
तुम भूल भी जाओगे तो हम याद करेंगे

हर लम्हा सताएँगी हमें आप की यादें
हम आप को हर लम्हा सनम याद करेंगे

उस हुस्न-ए-दिल-अफ़रोज़ को नज़रों में बसा कर
उस ज़ुल्फ़-ए-गिरह-गीर के ख़म याद करेंगे

दिल काँप सा जाएगा नमी आँखों में होगी
जब आप के बख़्शे हुए ग़म याद करेंगे

इस तरह से कह जाएँगे हम शेर ग़ज़ल के
ता-हश्र हमें अहल-ए-क़लम याद करेंगे

'फ़ैसल' न भुला पाएँगे ता-'उम्र उन्हें हम
लेकिन वो बिछड़ कर हमें कम याद करेंगे